ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अधिवेशन में मौलाना यासूब अब्बास का बयान

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि एनआरसी,मॉब लिंचिंग पर और शिया सुन्नी वक्फ बोर्ड एक करने पर चर्चा कर रहे हैं

मौलाना ने कहा कि हम एनआरसी के खिलाफ नहीं है मगर उनकी मांग है कि एनआरसी पर सरकार पुनर्विचार करें

मौलाना ने कहा कि हम अल्पसंख्यक के अंदर अल्पसंख्यक हैं

जितना ज़ुल्म शिया सामुदाय पे हो रहा है उतना किसी पे नही शिया को अफ्गानिस्तान में और पकिस्तान में मारा जा रहा है

शियों क़े लिए कैनाडा ने दरवाज़ा खोल दिया है और पनाह दे रहा है

यहा पर जिस तरह ज़ुल्म हो रहा है क्या हिन्दुस्तान सरकार शियाओं क़े लिये दरवाज़ा नही खोल सकती हैं

प्रधानमन्त्री और भाजपा क़े राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रस्ताव भेजेंगे

एनआरसी से डर नही रहे है मगर सरकार पुनर्विचार कर ले तो बेहतर है

हम किसी भी सरकार क़े खिलाफ नही हैं

शिया डेलीगेशन जस्टिस सच्चर से दो बार मिला मगर हमारी सुनवाई नही हुई

जब सच्चर कमीशन की रिपोर्ट पेश की गई तो शीया समुदाय को नजरअन्दाज किया गया

सरकार एक कमीशन बनाए और शिया समुदाय का सर्वे कराए की हिन्दुस्तान में हम सात करोड़ हैं या सिर्फ सात हैं

हम किसी दूसरे की रोटी नही खाना चाहते और जो माइनोरिटी क़े नाम पर हिस्सा मिलता हैं शिया सामुदाय तक नही पहुचता

शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड अलग अलग रहे एक होने पर शिया वक्फ को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा

हम यूपी और बिहार की तर्ज़ पर पूरे मुल्क में शिया वक्फ बोर्ड बनाने की माँग कर रहे हैं

हज सब्सिडि को दोबारा शुरू करने की माँग कर रहे हैं

संविधान ने हमें रिव्यु पेटिशन का हक दिया है अगर कोई जा रहा हैं तो हमें उसपे उंगली नही उठाना चाहिए

हमारा मुल्क गुलदस्ते की तरह हैं हर धर्म क़े लोग एकता क़े साथ यहाँ रहते हैं

5 एकड़ ज़मीन शिया समुदाय को नही सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली है तो उसके अध्यक्ष तैं करें उसका वो क्या करेंगे

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