डोनल्ड ट्रंप पर महाभियोग का रास्ता साफ़

kranti news beauro america with BBC:- स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कहा, “हमारा लोकतंत्र दांव पर है, राष्ट्रपति ने हमारे लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ा है.”

ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी से कहा था कि अगर वो उनके ख़िलाफ़ महाभियोग लाना चाहते हैं तो उन्हें जल्द से जल्द यह करना चाहिए.

नैन्सी पेलोसी के बयान के कुछ देर बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, “अगर आप मुझ पर महाभियोग लगाने जा रहे हैं तो अभी करें, जल्दी, जिससे सीनेट इसकी निष्पक्ष सुनवाई कर सके और देश वापस अपने काम में लग सके.”

सदन में कैलिफोर्निया की प्रतिनिधि नैन्सी पेलोसी ने गुरुवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “तथ्य निर्विरोध हैं. राष्ट्रपति ने अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर अपनी ताक़त का दुरुपयोग किया. अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ जांच के एलान के लिए उन्होंने सैन्य मदद पर रोक लगाई.”
अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कहा है कि सत्ता के कथित दुरुपयोग मामले में सदन राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग के आरोप दायर करेगा.

उन्होंने कहा, “यह अफसोस की बात है, लेकिन हमारे संस्थापकों के प्रति सच्ची निष्ठा, विश्वास, विनम्रता और अमरीका के लिए दिल में प्यार लिए मैं अपने चेयरमेन से महाभियोग पर आगे बढ़ने के लिए कह रही हूं.”

नैन्सी पेलोसी ने यह भी कहा कि, “हम सीनेट में निष्पक्ष सुनवाई के लिए तत्पर हैं.”

समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस के मुताबिक एक दिन पहले जब नैन्सी पेलोसी ने डेमोक्रेटिक पार्टी के अपने साथी सांसदों के साथ बंद दरवाज़े के पीछे हुई बैठक में पूछा था कि “क्या आप तैयार हैं?”

तो सांसदों ने ऊंची आवाज़ में “हां” कहा था.

ट्रंप ने क्या प्रतिक्रिया दी?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने लिखा, “कुछ न करने वाले लेफ़्ट डेमोक्रेट्स ने अभी घोषणा की है कि वो मुझ पर महाभियोग चलाने जा रहे हैं. रॉबर्ट मुलर के मामले में वो पहले ही पीछे हट चुके हैं, इसलिए अब वे यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ दो बार फ़ोन पर हुई बातचीत पर अपना दांव लगा रहे हैं.”
ट्रंप ने आगे लिखा, “इसका मतलब यह होगा कि शायद ही कभी इस्तेमाल किया गया महाभियोग भविष्य में राष्ट्रपतियों पर हमला करने के लिए नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाएगा. ये बात हमारे संस्थापकों के दिमाग में नहीं थी. अच्छी बात यह है कि रिपब्लिकन आज से पहले कभी इतने एकजुट नहीं थे. हम जीतेंगे!”
महाभियोग के मामले के उन पर लगे अभियोग के तहत अगर ट्रंप दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें राष्टपति का पद छोड़ना पड़ सकता है.

ट्रंप के ख़िलाफ़ क्या है अभियोग?

ये महाभियोग प्रक्रिया का अगला चरण होगा जिसमें ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत की जांच होगी.

फ़ोन पर हुई इस बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कथित तौर पर जो बाइडेन (अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार) और उनके बेटे हंटर बाइडेन के ख़िलाफ़ जांच करने के लिए कहा था.

अब इस मामले में इस विषय पर जांच चल रही है कि यूक्रेन पर जांच का दबाव डालने के लिए क्या उन्होंने (ट्रंप ने) यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने की धमकी भी दी थी?

नाडलेर ने क्या कहा?

न्यायिक समिति के चेयरमेन और डेमोक्रेटिक नेता जेराल्ड नाडलेर ने इस मुद्दे पर अपने बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के सामने बस एक विकल्प है. वह इस अवसर का फ़ायदा उठाकर महाभियोग सुनवाई में आ सकते हैं या वह इस प्रक्रिया की शिकायत करना बंद कर सकते हैं. हम उनसे इस बात पर भी विमर्श कर सकते हैं कि क्या उनके कथित क़दम सदन को महाभियोग की कार्रवाई करने का अधिकार देते हैं.”

ट्रंप पर अभियोग सिद्ध हो गए तो क्या होगा?

अगर राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ दो तिहाई बहुमत के साथ अभियोग सिद्ध हो जाते हैं तो वह अमरीकी इतिहास में महाभियोग की प्रक्रिया के चलते पद से हटाए जाने वाले पहले राष्ट्रपति होंगे. मगर फिलहाल ऐसा होना मुश्किल नज़र आता है.

उधर ट्रंप और उनके सहयोगी इस पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं. साथ ही व्हाइट हाउस और कुछ रिपब्लिकन नेता इस ट्रायल को दो हफ़्तों के भीतर ख़त्म करना चाहते हैं.

महाभियोग की प्रक्रिया क्या है?

यह दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया है जिसे कांग्रेस के दो सदन अंजाम देते है. इसमें महाभियोग पहला चरण है और राजनीतिक प्रक्रि​या दूसरा चरण.

पहले चरण में निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स के नेता राष्ट्रपति पर लगे आरोपों को देखते हैं और तय करते हैं कि राष्ट्रपति पर औपचारिक तौर पर आरोप लगाएंगे या नहीं. इसे कहा जाता है, “महाभियोग के आरोपों की जांच आगे बढ़ाना.”

फिर ऊपरी सदन, सीनेट इस मामले को आगे बढ़ाते हुए जांच करता है कि राष्ट्रपति दोषी हैं या नहीं. अगर वे दोषी पाए गए तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है और उनकी जगह उप राष्ट्रपति कार्यभार संभालेंगे.

ये अनुमान है कि निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में महाभियोग पास हो सकता है. सीनेट में इसे पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है. सीनेट में रिपब्लिकन के पास भारी बहुमत है (ट्रंप रिपब्लिकन राष्ट्रपति हैं).

किन अमरीकी राष्ट्रपतियों के ख़िलाफ़ लाया गया महाभियोग?

अमरीका के इतिहास में केवल दो राष्ट्रपतियों, 1886 में एंड्रयू जॉनसन और 1998 में बिल ​क्लिंटन के​ ख़िलाफ़ महाभियोग लाया गया था, लेकिन उन्हें पद से हटाया नहीं जा सका.

1974 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन पर अपने एक विरोधी की जासूसी करने का आरोप लगा था. इसे वॉटरगेट स्कैंडल का नाम दिया गया था.

लेकिन महाभियोग चलाने से पहले उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था क्योंकि उन्हें पता था कि मामला सीनेट तक पहुंचेगा और उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ सकता है.



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