क्रान्ति न्यूज -भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल

*गाजियाबाद थाना विजय नगर प्रताप विहार इलाके में खुलेआम बदमाशों ने मारी पत्रकार को गोली।*

report crime reporter Abhishek

गाजियाबाद थाना विजय नगर प्रताप विहार इलाके में दिनांक 20 जुलाई 2020 की रात खुलेआम बदमाशों ने पत्रकार। विक्रम जोशी को मारी गोली। श्री विक्रम जोशी पत्रकार, दैनिक जनसागर टुडे के पत्रकार हैं। जिन्होंने अपनी भांजी के साथ छेड़छाड़ करने वाले बदमाशों के खिलाफ गोली लगने से दो दिन पहले थाना विजय नगर में तहरीर दी थी। लेकिन उस पर चौकी इंचार्ज एवं थानाध्यक्ष ने कोई कार्रवाई नहीं की तहरीर देने के कारण गुस्साए बदमाशों ने दिनांक 20 जुलाई 2020 को जब विक्रम जोशी अपनी बहन के घर से दोनों बेटियों के साथ बाइक पर वापस आ रहे थे तो बदमाशों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और उनके साथ काफी मारपीट की लेकिन उनका मन इससे भी नहीं भरा और अंत में उन्होंने विक्रम जोशी सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। अब विक्रम जोशी यशोदा हॉस्पिटल नेहरू नगर गाजियाबाद में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। इससे प्रतीत होता है कि बदमाशों में उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा है। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है क्योंकि बदमाश इतने बेखौफ हो गए हैं कि ना तो उन्हें पुलिस पर गोली चलाने से और ना ही पत्रकारों पर गोली चलाने से कोई डर लगता है। जहां एक और उत्तर प्रदेश पुलिस क्राइम को मिटाने की कसमें खा रही है। वहीं दूसरी ओर। उत्तर प्रदेश पुलिस कितनी नाकाम साबित हो रही है? यह बताने की आवश्यकता नहीं है। पत्रकार को चौथा स्तंभ माना जाता है। लेकिन पत्रकार की और पत्रकार के परिवार की कोई भी सुरक्षा नहीं है। आए दिन सरकार कोई ना कोई कानून पुलिस, वकील, डॉक्टर आदि के लिए बना रही है। लेकिन किसी भी सरकार ने आज तक पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोई भी कानून नहीं बनाया है। कानून तो बहुत दूर की बात है पत्रकारों द्वारा पुलिस में रिपोर्ट कराने पर भी पुलिस कोई एक्शन नहीं लेती है यदि कोई पत्रकार किसी अवैध कार्य के बारे में जैसे कि गांजा, अवैध, शराब, अवैध, हथियार आदि के बारे में खबर लगाता है, तो भी पत्रकारों को अवैध धंधा करने वालों एवं पुलिस का डर बना रहता है और पत्रकारों पर तुरंत बिना जांच किए मुकदमा दायर करने की आशंका बढ़ जाती है। अगर समय रहते पुलिस ने विक्रम जोशी की तहरीर पर तुरंत कार्रवाई की होती तो आज उनके साथ यह हादसा ना हुआ होता। इसलिए हम सभी पत्रकार भाइयों का उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा एवं उनके परिवार की सुरक्षा के लिए सख्त कानून पारित किया जाए। जिससे कि भविष्य में पत्रकारों के साथ कोई दुखद दुर्घटना ना हो सके। और आगे भविष्य में कोई भी व्यक्ति पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार ना कर सके। किसी भी पत्रकार पर मुकदमा कायम करने से पहले पुलिस निष्पक्ष जांच करें और जांच के पश्चात दोषी पाए जाने पर ही पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें।

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