रामानुज मठ,गया ( बिहार) से लापता लड़के को भरथरी साधू बनाये जाते हैं- इस समाचार के दसवीं भाग यहां से (पढ़िए——-

यहां नीले शर्ट और पैंट पहनकर बैठे हैं अवध और दिलीप सिंह के सबसे बड़े भाई डॉ बच्चू नारायण सिंह

क्रांति न्यूज, बिहार (कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह के द्वारा)- अवध और दिलीप सिंह के पिताजी राधाकृष्ण मठ के महंत श्री उपेन्द्र आचार्य जी से बातचीत करते हुए उनसे प्रश्न पूछा कि क्या एक महीना पहले दो सहोदर भाई श्री देवनारायण आचार्य जी के साथ आपके मठ में आए थे? इस प्रश्न के उत्तर में श्री उपेन्द्र आचार्य जी ने अवध सिंह के पिताजी से कहा कि हां- हां- यहां उनके साथ दो सहोदर भाई श्री देवनारायण आचार्य जी के साथ आए थे और एक महीना यहां से रहकर फिर श्री देवनारायण आचार्य जी के साथ बाहर चले गए थे ।वे यहां से कहां गए- यह भी मुझे मालूम नहीं है । तब फिर अवध सिंह के पिताजी ने श्री उपेन्द्र आचार्य जी से पूछा कि आप उनसे क्यों नहीं पूछे कि आप दोनों लड़कों के साथ कहां जा रहे हैं? इस प्रश्न के उत्तर में श्री उपेन्द्र आचार्य जी ने कहा कि मेरा श्री देवनारायण आचार्य जी से मतभेद चल रहा है । इस लिए उनसे मैंने कुछ भी नहीं पूछा कि आप दोनों लड़कों के साथ कहां जा रहे हैं? इस बात पर अवध सिंह के पिताजी ने कहा कि तब आप बताइए कि मैं क्या करूं? ऐसी स्थिति में मैं उनको कहां खोजूं? पुलिस तो सुनता नहीं है ।अब साधू भी विश्वासघात करने लगा है ।अब क्या किया जाए? तब श्री उपेन्द्र आचार्य जी ने कहा कि श्री देवनारायण आचार्य जी बहुत ख़तरनाक महात्मा हैं । वे आपसे कभी भी पकड़ा नहीं सकते हैं क्योंकि उनका फोटो आपके पास नहीं है ।आपके पास उनका कोई मोबाइल नंबर भी नहीं है ।उनका स्थान का भी पता नहीं है, तो आप उनको कैसे पकड़ पायेंगे? मेरे पास भी उनको पकड़ने का कोई उपाय नहीं है । तब यह बात सुनकर अवध के पिताजी काफी निराश हो गए । इसके बाद वे और श्री शिववचन सिंह रात भर वहीं विश्राम किए । इसके बाद सुबह होने पर ट्रेन से गया (बिहार) लौट आए । तब मै उनसे सभी बातों की जानकारी लिए । इसके बाद मैं तबसे लेकर आगे तक श्री देवनारायण आचार्य जी को खोजता रहूंगा और तबकतक उन्हें खोजता रहूंगा, जबतक कि वे मुझे पकड़ में नहीं आ जाते हैं।चाहे प्रशासन मुझे साथ दें अथवा नहीं दें । ऐसी भी प्रशासन गरीब एवं लाचर को सुनता कब है ? यहां तो बाबू बड़ा न भैया, पुलिस को चाहिए रुपैया । लेकिन मेरे पास तो रूपए है भी नहीं, तो केवल कानून क्या करेगा ? न राधा की नौ मन घी होगी, और न राधा नाचेगी । यहां लोकतंत्र नहीं, यहां तो रुपया तंत्र है । इस समाचार को प्रकाशित करने के कारण मैं क्रांति न्यूज चैनल के संपादक श्री अजय ठाकुर जी दिल से बहुत – बहुत धन्यवाद देता हूं और मंगल कामना करता हूं कि वे दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की करें । इन्हीं शब्दों के साथ इस समाचार का ग्यारहवां भाग पढ़ने के लिए अभी पाठकों को प्रतीक्षा करना करना पड़ेगा । इस विलंब के लिए मुझे बहुत ही खेद है । जय ,जय ,जय श्री राम ।

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