महिलाओं के साथ अन्याय कब तक

हमारे सभ्य मानव समाज मे महिलाओं के साथ होने वाली हिंसक घटनाये खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दुष्कर्मी प्रवत्ति वाले लोग यह क्यो नही समझते की उनके घर मे भी महिलाएं है। अभी हैदराबाद रेप कांड की आग नही बुझ पाई की उन्नाव जनपद के एक गांव में रेप पीड़िता के आरोपियों ने एक युवती को पेट्रोल डालकर आग लगा दी। युवती 90% बुरी तरह झुलस गई है और डॉक्टरों के मुताबिक उसका शरीर लगभग जल चुका है । उसके बचने की उम्मीद बहुत ही कम है। ज़िंदगी और मौत से लड़ रही यह युवती को न्याय मिला तक नही,उधर आज फिर उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के परेन्दा गांव में आठ साल की बच्ची से रेप हो गया । ऐसा लगता है रेपिस्ट लोकतंत्र की परिभाषा को मिटाना चाहते हों और ग्रीस बुक में भारत देश को रेपिस्ट के नम्बर एक कि श्रेणी में लाना चाहते हों। किस दिशा में जा रहा है हमारा देश कहाँ गए वतन के रखवाले कहाँ गयी देश की सबसे बड़ी अदालत और सरकार जिसको एक अधिनयम के संशोधन में इतना सोचना पड़ रहा है। कब मिलेगी इन रेपिस्टों से निजात बात तो इस घटना के बाद यह जरूर साबित हो गई है कि महिलाओ के साथ बढ़ती घटनाओं में हमारा कमजोर सुरक्षा तंत्र और लोगो की महिलाओ के प्रति गन्दी विचारधारा है। दिनप्रतिदिन हो रही घटनाओं ने बच्चियों नवयुवतियों की सुरक्षा को लेकर परिवाजनों की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है। अब तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है जब महिलाएं समाज में अपनी सलामती के लिए घरों में रहने को मजबूर हो रही है।हमारे देश में रोज कही न कही से रेप, दुष्कर्म , यौन उत्पीडन , छेड़छाड़ की घटनाये समाचार पत्रों की सुर्खिया बनती है । जब कोई महिला पुलिस को अपनी आप बीती बताती है तो अधिकतर मामलो में सुनवाई न करके पुलिस उल्टा बैरंग वापस भेज देती है। जिस देश में कन्याओ की पूजा की जाती हो उसी देश में एक लडकी को उसकी अस्मत लूटने के बाद उसकी पहचान मिटाने के लिए उसको जला दिया जाए , क्या यही हमारे देश की संस्क्रृति और सभ्यता है।वाकई मानवता को शर्मशार कर देने वाले इस मामले को देश की सुप्रीम संस्था सुप्रीम कोर्ट को बेहद गम्भीरता से लेते हुए महिलाओ के प्रति बढ़ते जघन्य अपराधो की सजा के लिए फ़ासी की सजा का तुरंत फरमान देना चाहिए,आखिर कब तक कितनी निर्भया इन हवस के वहसी दरिंदो का शिकार होती रहेंगी ।आज हमें बलात्कार को धर्म, मजहब के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। बलात्कारी कहीं भी हो सकते हैं, किसी भी चेहरे के पीछे, किसी भी बाने में, किसी भी तेवर में, किसी भी सीरत में। बलात्कार एक प्रवृति है।उसे चिन्हित करने, रोकने और उससे निपटने की दिशा में यदि हम सब एकमत होकर काम करें तो

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल