उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की हालत नाजुक, एयर एम्बुलेंस से लाया जाएगा दिल्ली

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जिंदा जलाए जाने के बाद बुरी तरह झुलसी उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सिविल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। 90 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। लखनऊ के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की राय के बाद प्रशासन अब उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराने जा रहा है। पीड़िता को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि सरकार ने लखनऊ पुलिस को एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया है, जिससे पीड़िता को हवाई जहाज से आसानी से दिल्ली ले जाया जा सके।

एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्दु सिंह ने बताया कि उन्नाव पीड़िता को शाम साढ़े छह बजे एयरलिफ्ट किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने पीड़िता के उपचार का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशुतोष दुबे ने बताया कि युवती का उपचार प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर प्रदीप तिवारी उपचार कर रहे हैं। राज्य की इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की तरफ से बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

सीएम योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने की कोशिश करने के मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही मंडलायुक्त व पुलिस महानिरीक्षक से शाम तक मामले की रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि पीड़िता का सरकारी खर्च पर इलाज करवाया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

जमानत पर जेल से बाहर आए आरोपियों ने दिया घटना को अंजाम

उन्नाव जिले के बिहार थानाक्षेत्र के हिन्दुनगर गांव निवासी एक युवती ने गांव के ही प्रधान पुत्र समेत पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ मार्च माह में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन दो अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे। इसी बीच तीनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ गए और आरोप है कि उन्होंने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है।

इस घटना के बाद बिहार थाने की पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप

पीड़िता गांव भाटन खेड़ा से रेलवे स्टेशन जा रही थी। इसी बीच आरोपियों ने उसे रोक कर आग के हवाले कर दिया। आरोपी युवक बेखौफ युवती को जलाने के बाद मौके से फरार हो गए। युवती को आग लगाने की कोशिश की सूचना पर जिले में हड़कंप मच गया। आरोप है कि बिहार थाने की पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही थी।

पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो की जाएगी कार्रवाई

उन्नाव मामले में आईजी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने वाले पांचों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। तीन आरोपी घर में पाए गए थे, दो आरोपियों को बाहर पकड़ा गया। आईजी लखनऊ द्वारा पूरी जांच की जा रही है, वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया जा रहा है। पीड़िता की पूर्व तहरीर पर भी कार्रवाई की गई थी, मुख्य अभियुक्त को तत्काल अदालत में पेश भी किया गया था और जिला अदालत से उसकी जमानत भी खारिज कर दी थी। उन्होंने बताया कि एयर एम्बुलेंस से पीड़िता को दिल्ली ले जाया जाएगा। कमिश्नर और आईजी द्वारा जांच की जा रही है अगर पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पहले तीन आरोपियों को घर किया गया था गिरफ्तार

मामले में एसपी उन्नाव का कहना है घटना के तत्काल बाद पीड़िता के बयान के आधार पर सभी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जब आरोपियों के घरों पर छापे मारे तो सभी अपने-अपने घरों पर परिवारवालों के बीच मौजूद मिले। वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। घटना की गहन तफ्तीश की जा रही है। इससे जुड़े कुछ और तथ्य भी मिले हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।

इच्छा मृत्यु की मांग कर रही पीड़िता

रायबरेली से पांच दिन पैदल चलकर दंपती एक दिन पहले लखनऊ सीएम से मिलने पहुंचे। आरोप है कि एक साल पहले गैंगरेप की वारदात के बाद रायबरेली पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। सीएम आवास की तरफ बढ़ने पर हजरतगंज पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर कोतवाली ले गई और आश्वासन देकर वापस भेज दिया। वहीं, पीड़ित परिवार न्याय नहीं मिलने पर इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा है।

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