एक भाई को अपने ही संपत्ति में हिस्सा ना मिलने के कारण पलायन को मजबूर है।

संवाददाता राम कुमार मिश्रा

मोतीगंज।।गोंडा।। पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर सात भाइयों में पिछले कई वर्षों से ऐसे ठनी है कि चार भाई एक तरफ रहकर अलग-थलग पड़ चुके एक भाई को गांव से खदेड़ कर पूरी पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर लेना चाहते हैं अकेला पड़ चुका भाई का परिवार गांव छोड़कर पलायन को मजबूर हो गया हैजबकि मामले में दो भाई तटस्थ हैं, तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस प्रशासन अलग-थलग पड़ चुके परिवार की मदद करने में दिलचस्पी नहीं दिखा पा रही है बताते चलें कि मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के बंदरहा गांव में स्वर्गीय हीरालाल उपाध्याय के सात बेटों दुर्गा प्रसाद ओम प्रकाश प्रेम प्रकाश शिवपूजन विजय बहादुर देवी प्रसाद व जगदंबा प्रसाद हुए पिता की मौत के बाद सभी भाइयों ने जमाने के अनुसार पैतृक संपत्ति का बंटवारा कर लिया कुछ समय तक सब कुछ ठीक-ठाक है लेकिन थोड़े समय के बाद भाइयों ने संपति बंटवारे को लेकर आपसी तनाव पैदा हो गया जिसमें दुर्गा प्रसाद के साथ चार भाइयों ने हां में हां मिलाया लेकिन इनमें जगदंबा प्रसाद अन्य भाइयों से अलग-थलग पड़ गए,दो भाईयों देवी प्रसाद व बिजय बहादुर से घरेलू विवाद से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है लेकिन अन्य भाईयों के बीच सम्पत्ति विवाद बड़ी वजह बनी,जिसमें पैतृक संपत्ति की जमीन गाटा संख्या 226 जो कि बंटवारे में जगदंबा प्रसाद को हिस्से में मिली थी इस जमीन पर जगदंबा प्रसाद पिछले तीन दशक से फसल काटते रहे हैं लेकिन वर्तमान में चार भाई भतीजे इसी भूखंड को लेकर रंजिश रखने लगे और जगदंबा की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर देते रहे हैं दोनों पक्षों दुर्गा प्रसाद बनाम जगदंबा प्रसाद को लेकर पुलिसिया हस्तक्षेप जनवरी 2015 में आपसी विवादों में लिखित समझौता भी हो गया था अप्रैल 2017 में मनकापुर के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक विजय आनंद ने अपनी जांच रिपोर्ट में भाइयों के बंटवारे को लेकर उप जिला अधिकारी मनकापुर के न्यायालय पर बाद विचाराधीन होने का जिक्र किया है जो आज भी विचाराधीन है तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक ने पक्षों को हिदायत दी थी कि जो जहां घरेलू बंटवारे से मिली जमीन पर काबिज है वही खेती पाती तब तक करेगा जब तक कि न्यायालय से कोई फैसला नहीं हो जाता है दुर्गा प्रसाद आदि लोग जगदंबा प्रसाद को मिली भूमि गाटा संख्या 226 पर बराबर खेती पाती नहीं करने दे रहे हैं और संपति से ही बेदखल करने का मंसूबा रखते हैं हाल ही में जगदंबा प्रसाद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर दुर्गा प्रसाद के हस्तक्षेप को रोकने की गुहार लगाई है लेकिन उनकी गुहार नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित हो रही है पुलिस बल भाइयों के पक्ष को लेकर मामला रफा-दफा कर देती है इसलिए पीड़ित को बार-बार प्रशासन को लिखित शिकायत करके न्याय की भींख मांगनी पड़ती है,जगदम्बा प्रसाद पिछले कई बर्षो से तहसील-थाने का चक्कर लगाते हुए थक हार गये है अब भाईयों की दबंगई से त्रस्त होकर जगदम्बा प्रसाद परिवार के साथ गांव से पलायन करने की सोच रहे हैं फिलहाल मुख्यमंत्री को भेजे पत्र से उनके परिवार को न्याय की आखिरी उम्मीद शेष बची है,शासन-प्रशासन कितनी मदद करता है भविष्य तय करेगा ।

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल