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कल ही तक का डेट ह साहब, बहुत मूड अपसेट ह साहेब – कुंवर सिंह कुंवर

काशी काव्य संगम द्वारा आयोजित काव्य कुंभ ऑनलाइन कवि सम्मेलन के आज चौबीसवें दिन पांच कवियों ने अपना काव्य पाठ किया सर्वप्रथम प्रयागराज से विनोद दुबे जी ने अपनी रचनाओं का प्रारंभ किया। उन्होंने अपनी कविताओं से लोगो को सराबोर कर दिया।
पाकिस्तान तोहार नाश हो..
कवि सीताराम विक्रांत ने की जिन्होंने अपने कविताओं व गजलों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया
नजरो से नजरें मिली दिल को मोहब्बत हो गई…
गजलकारा नशीमा निशा ने किया उन्होंने अपने गजलों के पुष्पो से माहौल को महका दिया ।
गुलो की तरह से किरदार हमारा है…
कविता सिंह ने अपने कविता के माध्यम से माहौल को रसो से सराबोर कर दिया ।
माना कि तू नहीं हाथों की लकीरों में…
आज के अंतिम कड़ी के रूप मे वाराणसी की वरिष्ठ कवि व गजलकार कुवर सिंह कुंवर ने अपने गीतों कविताओं व गजल के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।सर्वप्रथम उन्होंने मां की वंदना प्रस्तुत की-
का करी सोनवा का खान देवी म ईया….
तत्पश्चात उन्होंने सुनाया-
कल ही तक का डेट ह साहब
बहुत मूड अपसेट ह साहेब
कार्यक्रम का सुचारू रूप से संचालन श्रुति सिंह ने किया ।कार्यक्रम को चलाने में सहयोग अखलाक भारतीय करुणा सिंह सूर्यदीप कुशवाहा, विभा तिवारी ने किया ।अंत में धन्यवाद ज्ञापन आलोक सिंह बेताब जी ने किया

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