भारत-चीन को लेकर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान…अभी सकारात्मक माहौल…टेंशन कम करने….

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए शनिवार (6 जून) को दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की बैठक हुई. इस बैठक को लेकर अब विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि 6 जून 2020 को चुशुल-मोल्डो क्षेत्र में भारतीय सेना के कमांडर और चीनी कमांडर के बीच बैठक हुई. यह बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में हुई.

विदेश मंत्रालय ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा है कि हाल के हफ्तों में, भारत और चीन ने सीमा क्षेत्र में बेहतर स्थिति बनाए रखने के लिए राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है.

बयान में आगे कहा गया है कि दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए सहमत हुए और दोनों देशों के बीच समझौते को ध्यान में रखते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए भारत-चीन सीमाई क्षेत्रों में शांति आवश्यक है.

दोनों पक्षों की तरफ से यह भी कहा गया है कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापना के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं इसलिए रिश्तों को आगे ले जाने के लिए विकास में योगदान देना होगा.

दोनों देश टेंशन को खत्म करने और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने के लिए सैन्य और राजनयिक बातचीत जारी रखेंगे. बता दें कि शनिवार को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक से पहले चीनी सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने गीदड़भभकी दी थी.ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में लिखा गया था कि अमेरिका चीन को रणनीतिक रूप से दबाने के लिए भारत का समर्थन करने की रणनीति लंबे समय से अपना रहा है. अखबार में लिखा गया था कि भारत ने धीरे-धीरे चीन के प्रति रणनीतिक श्रेष्ठता हासिल कर लेने का भ्रम पाल लिया है. भारत के कुछ लोगों को लगता है कि चीन सीमा मुद्दे पर रियायत दे सकता है. भारत को लगता है कि सीमा पर बढ़त बना लेने से वो अपने ज्यादा हित साध सकता है.

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